भारत माँ का बेटा महात्मा गाँधी पर कविता

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भारत माँ का बेटा

मैं वो भारत भूमि हूँ , जिसे गुलामी ने जकड़ा था,

मेरी आजादी के लिए, मेरे बच्चो ने खून बहाया था.
कई सालों की गुलामी के बाद, एक सूरज आसमान में छाया,
जिसके रोशन इरादों ने, मुझे आज़ादी का दिन दिखलाया.
सत्य अहिंसा का शस्त्र उठाकर, जिसने देश को था जगाया ,
उसकी सच्ची वाणी ने, एकता का था पाठ पढ़ाया.
उसके नेक इरादों से, वो “बापू” भी कहलाया ,
उसकी निर्मल छाया में, देश का ध्वज लहराया.
सच्चा सिपाही था वो, उसे अपनों ने ही मार दिया,
संध्या की राग में, गोली से छल्ली छल्ली कर दिया.
जब से ही बेबस हूँ , मैं वही भारत भूमि हूँ ,
अपने सच्चे बेटे की, आस लगाये बैठी हूँ.
गैरो से तो आजादी दिला गया,अब अपनों ने ही लुटा है ,
कौन सुनेगा मुझे यहाँ, अब हर कोई सत्ता का भूखा है.|

Poem on Gandhiji in Hindi – दोस्तों इस पोस्ट में कुछ बेहतरीन इकट्ठा की गई महात्मा गांधी पर कविता का संग्रह दिया गया हैं. यह Gandhi Ji Par Kavita हमारे लोकप्रिय कवियों दुवारा लिखी गई हैं. महत्मा गाँधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था. हर साल 2 अक्टूबर को भारत में गाँधी जयंती को एक राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जाता हैं.

महात्मा गाँधी को हमलोग बापू के नाम से भी जानते हैं. यह सत्य और अहिंसा के पुजारी थे और उन्होंने हर संकट में सच्चाई का साथ दिया हैं. अहिंसा का पालन किया हैं. और दूसरों को भी इसे पालन करने के लिए प्रेरित किया.

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