मुहर्रम पर निबंध

Facebook
Telegram
WhatsApp
LinkedIn

Muharram Essay in Hindi: जिस तरह हिन्दुओं में दशहरा, रामनवमी, नवरात्र, दिवाली आदि पर्व का माह पवित्र माने जाते हैं. इस्लाम में भी चार पवित्र महीनों में मुहर्रम एक हैं. जो हिजरी वर्ष का प्रथम महीना होता हैं जिसकी दसवीं तारीख को हुसैन अली की कुर्बानी की स्मृति में ताजिया निकाला जाता हैं. स्टूडेंट्स के लिए मुहर्रम निबंध में सरल भाषा में त्यौहार की जानकारी दी गई हैं.

जिस तरह हिन्दुओं का विक्रम संवत् हैं उसी तरह इस्लाम के कैलेंडर को हिजरी संवत कहा जाता हैं. इसका पहला माह मुहर्रम होता हैं. इस्लाम को मानने वाले इसे वर्ष का सबसे पवित्र माह मानते हैं. मुहर्रम के दसवें दिन ताजिये के जुलुस निकाले जाते हैं, यह शोक पर्व हैं. मुहर्रम का खासकर शिया समुदाय के मुसलमानों में बड़ा महत्व हैं. इस दिन उनके पैगम्बर हुसैन अली की हत्या करी गई थी. इसलिए वे इस दिन को शोक पर्व के रूप में मनाते हैं.

वही इस्लाम को मानने वाले सुन्नी सम्प्रदाय के लोग भी इस दिन को मिस्र के फिरौन में मूसा पर हुई ऐतिहासिक विजय के उपलक्ष्य में इस दिन को मनाते हैं. मुहर्रम के इन दस दिनों में रोजे रखकर हुसैन अली का स्मरण किया जाता हैं. ये मुहम्मद साहब के वारिश थे जिनका कत्ल मुसलमानों द्वारा ही इस पवित्र दिन पर कुरान की आयते पढ़ पढ़कर किया गया था

 

1 thought on “मुहर्रम पर निबंध”

Leave a Comment